Candidates preparing for Haryana Judicial Services should solve the Haryana Judicial Services 2013 Mains Previous Year Paper and other previous year question papers before they face  Prelims and Mains. Additionally, it gives an idea about the syllabus and the way to prepare the subjects by keeping the previous year questions in mind. All toppers are mindful and cognizant… Read More »

Candidates preparing for Haryana Judicial Services should solve the Haryana Judicial Services 2013 Mains Previous Year Paper and other previous year question papers before they face Prelims and Mains.

Additionally, it gives an idea about the syllabus and the way to prepare the subjects by keeping the previous year questions in mind. All toppers are mindful and cognizant of the types of questions asked by the HCS, to be aware of the various different tricks and types of questions. This should be done by every aspirant when starting their preparation. It is very important to have an overall understanding of the pattern and design of questions.

Only practising the authentic question papers will give you a real feel of the pattern and style of the questions. Here’s Haryana Judicial Services Mains 2013 Previous Year Paper (Hindi).

Haryana Civil Services (Judicial Branch) Main Written Examination 2013

HINDI

Time: 3 Hours

Maximum Marks: 100

Instructions:

  1. Attempt all the questions in the same order in which they appear in the Question Paper.
  2. Marks for individual questions are indicated against each question.
  3. No extra answer sheet will be provided.

Question 1

निम्नलिखित गधांश का हिंदी में अनुवाद कीजिये: (20 Marks)

The voice had to be listened to, not only on account of its form but for the matter which it delivered. It gave a message to the country that it needed greatly. It brought to the common people a realization of their duty to concern themselves with their affairs. The common people were made to take an interest in the manner in which they were governed, in the taxes they paid, in the return they got from those taxes. This interest in public affairs politics as you may call it, was to be to concern no longer of the highly educated but of the many poor, the propertyless, the workingman in town and country. Politics was not able to be the concern of small aristocracy of intellect or property of the mass and with the change in the subjects of politics that voice brought about also a change in the objects of politics. Till then politics that voice brought about also a change in the objects of politics. Till politics had busied itself mainly with the machinery of government towards making its personnel more and more native, with proposals for a better distribution of political power, with protests against sins of omission and commission of the administration.

Question 2

(अ) निम्नलिखित गधांश की व्याख्या सरल हिंदी भाषा में कीजिये : (15 Marks)

लक्ष्य- प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि आप अपनी शारीरिक एवं बौद्धिक शक्तियों का अधिकतम प्रयोग करें। दूसरों के सहारे बैठन वाले कभी सफल नहीं होते।आजकल के नौजवान सदा दूसरों का मुँह ताका करते है या समय और भाग्य को कोसा करते है। उचित अवसर कि तलाश व्यक्ति को करनी ही पड़ती है। फिर आपने विवेक, सयम और परिश्रम से द्रढ़- संकल्प होकर आगे बढ़े तो लक्ष्य स्व्यं ही खिंचा चला आएगा।कुछ लोग तो सदा ही समाज और समय से नाराज़ रहते है। वे परिस्थितयों के प्रतिकूल होने की आड़ में आलस्य को ओडे रहते है।

दूसरों को कष्ट पहुँचाना, पीड़ा देना “हिंसा” है।इसके विपरीत, मन से वचन से ही किसी भी प्रकार से किसी को कष्ट न देना, पीड़ा न पहुँचाना अहिंसा है। भारत वर्ष में बहुत से धर्म है। उन सब धर्मो में अहिंसा का महत्वपूर्ण स्थान है। महापुरषों के मार्ग पर चलकर संसार को एक ऐसा ज्ञान दिया जिसके कारण संपूर्ण मानव जाति उनकी कृतज्ञ रहेगा।

(ब) निम्नलिखित पद्दानसो की व्याख्या कीजिये: (15 Marks)

(क)

ऊधो मन न भए दस बीस।

एक हुतो सो गयो स्याम संग, को अवराधे ईस।।

इंद्री सिथिल भई केसव बिनु, ज्यों देही बिनु सीस।

आसा लागि रहति तन स्वासा, जीवही कोटि बरीस।।

तुम तो सचा स्याम सुंदर के, सकल जोग के ईस।

सुर हमारे नंद-नंदन बिनु और नहीं जगदीस।।

(ख)​

स्याम सखा को गेंद चलाई।

श्रीदामा मुरि अंग बचायो, गंदपरी कालोदह जाई।।

धाई मही बत फेट स्याम की, देहु न मेरी गेंद मंगाई।

और सखा जनि मोको जानो, मोसौ तुम जानि करों ढिठाई।।

जानि- बुझी तुम गेंद गिराई, अब दीन्हे बनें कन्हाई।

सुर सखा सब हसत परसपर, भली करी हरी गेंद गृवाई।।

Question 3

(अ) निम्नलिखित अशुद्ध शब्दों को शुद्ध करके लिखिए : (5 Marks)

(क) अन्तरगत

(ख) अभयतृरिक

(ग) इषयालू

(घ) उपन्यासिक

(ड) उद्धरण

(च) ग्रिस्मवास

(छ) धोड़दौड़

(ज)) चक्करवात

(झ) ट्रीनाचार्य

(ण) पुनाराव्ती

(ब) निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके लिखिए : (5 Marks)

(क) सीता जी राम की पत्नी थी, वह एक पतिव्रता नारी थी।

(ख) हरियाणा के विद्या मिंत्री आए है।

(ग) कोई लोग मास खाना बुरा नहीं समझते।

(घ) मेरा भाई विद्यालय में प्रवेश हो गया।

(ड) गतवर्ष मै कश्मीर जाऊगा।

Question 4

निम्नलिखित मुहावरो के अर्थ लिखकर वाक्यो में प्रयोग कीजिए : (10 Marks)

(क) अंधे के आगे रोना।

(ख) अकल के पीछे लटठ लिए फिरना।

(ग) उधेड़ बुन मे लगना ।

(घ) गुंगे का गुड़।

(ड़) घी के दिए जलना।

(च) तिलाजली देना।

(छ) निन्यानवे के फेर मे पड़ना ।

(ज) नदी- नाव संयोग।

(झ) पाँचो उंगलियाँ घी मे होना।

(ण) राई का पहाड़ बनाना।

Question 5

निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर निबंघ लिखिए : (30 Marks)

(क) करत करत अभ्यास के, जडमति होत सुजान।

(ख) हर शाख पे उल्लू बैठा है अनजामे गुलिस्ता क्या होगा।

(ग) कैसा शासन बिन अनुशासन ।

(घ) आधुनिक समाज मे नारी का स्थान।

(ड) पराधीन सपनेहुँ सुख नहीं।


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Updated On 2021-03-08T05:19:38+05:30
Admin LB

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